अस्पताल के बाथरूम में ही गर्भवती का शुरू हुई प्रसव पीड़ा, लेकिन नर्सों ने नहीं की मदद, हुई मौत

बलरामपुरः यूपी के जिला अस्पतालों की खस्ता हालत और वहां के डॉक्टरों व स्टाफ की लापरवाही आए दिन चर्चा का विषय बन रही है। हाल ही में बलरामपुर में फिर से महिला चिकित्सालय और वहां के स्टाफ का अमानवीय चेहरा उजागर हुआ है। जहां प्रसव के लिए आई एक गर्भवती महिला को अस्पताल के बाथरूम में बच्चे को जन्म देना पड़ गया। वहीं प्रसव प्रक्रिया के दौरान बच्चे का सिर फंस जाने और नर्स की मदद ना मिलने पर परिजनों ने कार्रवाई करने की मांग की है।अस्पताल के बाथरूम में ही गर्भवती का शुरू हुई प्रसव पीड़ा, लेकिन नर्सों ने नहीं की मदद, हुई मौत

प्रथम जांच में डॉक्टर ने बताई खून की कमी

दरअसल अंशिका देवी नाम की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के चलते उसका पति विजय जिला महिला चिकित्सालय लेकर आया था। जहां प्रथम जांच में डॉक्टर पी के मिश्रा ने खून की कमी की बात कहकर खून की व्यवस्था कराने को कहा। विजय के मुताबिक वह पत्नी के लिए खून का इंतजाम करने के लिए जिला संयुक्त अस्पताल ब्लड बैंक गया, लेकिन ब्लड डोनर ना मिलने के कारण खून नहीं मिल सका। जिसकी जानकारी उसने डॉक्टर मिश्रा को दी।

ये भी पढ़ें: ‘उत्तम प्रदेश’ तो नही, अब धीरे धीरे राजनीतिक का कुरुक्षेत्र बना ‘उत्तर प्रदेश’

बाथरूम में ही शुरु हो गई प्रसव पीड़ा 

विजय का कहना है कि डॉक्टर ने खून का इंतजाम करने की बात कही और यह भी बताया कि जब खून मिलेगा तभी नॉर्मल डिलीवरी संभव हो सकेगी। लेकिन इस बीच गर्भवती अंशिका बाथरूम में गई हुई थी, वहीं उसकी प्रसव पीड़ा इतनी तेज हो गई कि उसने बाथरूम में ही बच्चे को जन्म दिया।

बच्चे का सिर फंसने पर लगाई थी मदद की गुहार

विजय ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान बच्चे का सिर फंस गया और उसने डॉक्टर व स्टाफ नर्स को बाथरूम में प्रसव होने की सूचना दी। लेकिन लाख मिन्नतों के बाद भी ना तो डॉक्टर और ना ही कोई स्टाफ नर्स वहां प्रसूता को देखने गई। परिजनों का आरोप है कि उपचार करने की गुहार लगाई, लेकिन इसके उलट स्टाफ नर्सों ने प्रसूता को लेबर रूम तक लाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।

मौके पर नहीं पहुंचा स्टाफ, बच्चे की हुई मौत

जैसे तैसे प्रसूता के पति व परिजनों ने मिलकर किसी तरह प्रसूता को जिला चिकित्सालय के लेबर रूम तक पहुंचाया। जहां स्टाफ नर्स ने बच्चे का सर बाहर निकाला, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

ये भी पढ़ें: ‘उत्तम प्रदेश’ तो नही, अब धीरे धीरे राजनीतिक का कुरुक्षेत्र बना ‘उत्तर प्रदेश’

जिलाधिकारी को दी लिखित शिकायत

इस पूरे मामले में गर्भवती महिला के पति विजय कुमार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को लिखित शिकायत की है। उन्होंने दोषी स्टाफ नर्सों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं मामले पर जानकारी देते हुए जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। जांच के निर्देश दे दिए गए हैं, रिपोर्ट आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

loading...
=>

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

वो दिन दूर नहीं, जब लोग बुंदेलखंड में नौकरी के लिए आएंगे: झांसी में बोले योगी

झांसी. निकाय चुनाव के लिए प्रचार के लिए सीएम