अयोध्या: राम मंदिर के लिए दान देने की श्रद्धालुओं में होड़, रोज आ रहे 10 से 50 हजार मनीआर्डर

अयोध्या । रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मंदिर निर्माण समिति की बैठक एक दिन पहले हो चुकी है। इस बैठक में पत्थरों के मध्य जोड़ में दस-दस हजार तांबे की राड के अलावा ताम्र पत्र लगाने के निर्णय के बाद श्रद्धालुओं में ताम्र पत्र व राड को दान करने की होड़ मच गयी है। बैठक के बाद से ही रामकोट स्थित राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कार्यालय में फोन घनघनाने लगे हैं।

ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश कुमार गुप्ता का कहना है कि कोई पूछ रहा है कि ताम्र पत्र हमें बनवाना पड़ेगा या फिर आप बनवाएंगे। कोई कहता है कि ताम्र पत्र की कितनी धनराशि होगी। कोई एक साथ दस हजार ताम्र पत्र देना चाहता है तो कोई एक हजार पत्र अपनी ओर से भेंट करना चाहता है। कोई तांबे का गेज पूछ रहा है तो कोई आकार के बारे में जानकारी मांग रहा है। वह कहते हैं कि लोगों के इतने सवाल है कि हम लोग खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि किसको क्या जवाब दें। विहिप के केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज का कहना है कि इस बारे में ट्रस्ट जब कोई निर्णय करेगा तब उसी के अनुसार सूचना दी जाएगी।

फिलहाल ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के दिल्ली से लौटने का इंतजार है। बताया गया कि वह शनिवार की देर शाम यहां पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि रामलला के प्रति आमजन की इतनी श्रद्धा है कि पांच अगस्त को भूमि पूजन के लिए तीर्थों के जल व मिट्टी का आह्वान किया गया तो अभी भी जल व मिट्टी के साथ रामशिलाओं के भेजने का क्रम जारी है। बताया गया कि डाक सेवा एवं कोरियर के माध्यम से ट्रस्ट कार्यालय एवं कारसेवकपुरम में प्रतिदिन किसी न किसी क्षेत्र से तीर्थों का जल व मिट्टी भेजी जा रही है। इसके साथ ही रामनाम लिखित कापियांं भी भेजी जा रही हैं।

डाकघर से प्रतिदिन आ रहा 10 से 50 हजार तक का मनीआर्डर

पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से रामजन्मभूमि में भूमि पूजन करने के बाद से मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुगण अपनी-अपनी ओर से अंशदान दे रहे हैं। उप डाकघर के पोस्ट मास्टर जय प्रकाश वर्मा कहते हैं कि पिछले सोमवार तक 50-50 हजार तक की धनराशि मनीआर्डर से आई। अब यह धनराशि दस हजार के आसपास है। वह बताते हैं कि सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु 51 रुपये से लेकर पांच सौ एक रुपये तक का दान प्रतिदिन भेजते हैं जिसे एकत्र करके रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय में रिसीव करा दिया जा रहा है।

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