अमृतसर हादसा: फरार आयोजक का दावा- रावण दहन की अनुमति ली थी, रेल राज्यमंत्री बोले- नहीं ली इजाजत

अमृतसर रेल हादसा: रेल हादसे के बाद से फरार सौरभ मदान ने कहा कि हमने सभी जरूरी अनुमतियां ली थीं और दशहरा कार्यक्रम के मैदान में सभी जरूरी सुरक्षा उपकरणों को सुनिश्चित किया था.
नई दिल्ली: अमृतसर रेल हादसे के बाद से फरार रावण दहन कार्यक्रम के आयोजक कांग्रेस नेता सौरभ मदान ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसने कार्यक्रम की अनुमति ली थी. घटना से जुड़ा एक अन्य वीडियो भी सामने आया है जिसमें कार्यक्रम के दौरान रेल की पटरी पर खड़े लोगों से वह स्थान खाली करने की अपील की जा रही है.
पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर के करीबी सौरभ मदान मिट्ठू ने अज्ञात स्थान से वीडियो जारी किया जिसमें उसने दावा किया कि उसकी, उसकी पार्षद मां और अन्य आयोजकों की इस दुर्घटना में कोई गलती नहीं है. उसने बार-बार लोगों से पटरी से हटने की अपील की. वहीं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने अमृतसर में दशहरे के दिन हुए रेल हादसे पर कहा कि वहां के आयुक्त का कहना है कि उक्त कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं दी गई थी.

Organizer of Dusshera event Saurabh Madan Mithoo releases video message,says ‘ Had taken all permissions,had alerted crowd atleast 10 times to not stand on tracks. I am extremely pained by the incident. Some ppl are trying to defame me’ #Amritsartrainaccident (location: unknown) pic.twitter.com/viPXBws3P8
— ANI (@ANI) October 22, 2018

सौरभ ने माफी मांगी
सौरभ ने माफी मांगते हुए कहा, “हमने सभी जरूरी अनुमतियां ली थीं और दशहरा कार्यक्रम के मैदान में सभी जरूरी सुरक्षा उपकरणों को सुनिश्चित किया था. रेल की पटरी पर खड़े लोग मैदान से बाहर थे. हमने उनसे कई बार पटरी खाली करने के लिए कहा.” उसने कहा कि शुक्रवार शाम सात बजे जहां रावण दहन का कार्यक्रम था उस मैदान में अग्निशमन की गाड़ियां और पुलिस मौजूद थी.
हालांकि वीडियो फुटेज में मदान और नवजोत कौर की मौजूदगी में एक एंकर चिल्ला रहा था कि रेल की पटरियों पर लगभग 5,000 लोग मौजूद हैं और अगर अभी 500 रेलगाड़ियां भी आ जाएं तो भी ये लोग नहीं हटेंगे. इसके कुछ सेकेंडों के बाद ही पटरी पर जालंधर-अमृतसर डीएमयू (डीजल मल्टीपल यूनिट) धड़धड़ाती हुई लोगों को कुचलती हुई गुजर गई. इसमें कम से कम 62 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए.
रावण के जलते हुए पुतले में भारी आतिशबाजी के शोर में पटरी पर खड़े लोग रेलगाड़ी की सीटी तक नहीं सुन सके. सिद्धू की पत्नी, मदान और अन्य आयोजकों पर घटना के बाद वहां से भाग जाने का आरोप है. वे मृतकों के परिजनों और घायलों की मदद के लिए वापस नहीं आए. पंजाब पुलिस ने कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है.
इसके बावजूद मदान और अन्य आयोजक लगातार भूमिगत रहे वहीं सिद्धू ने अपनी पत्नी और उनके सहयोगियों का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया और दुर्घटना के लिए रेलवे को जिम्मेदार बताया. सिद्धू ने घटना की जांच नहीं करने और रेलगाड़ी के चालक और अन्य कर्मियों को क्लीन चिट देने के लिए रेलवे पर सवाल उठाया जिस कारण दुर्घटना हुई.
पंजाब में विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने इसे नरसंहार बताते हुए नवजोत कौर, मदान और दशहरा कार्यक्रम का आयोजन करने वाले सत्तारूढ़ कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की.

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