अब 12वीं में 75 फीसदी अंक वालों को ही सिर्फ मिलेगा आईआईटी में प्रवेश

- in मध्यप्रदेश

जबलपुर। जेईई एडवांस क्लियर करने के बाद देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में उन्हीं स्टूडेंट्स को प्रवेश दिया जाएगा, जो 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंकों (सामान्य वर्ग) से उत्तीर्ण होंगे। ये नया बदलाव दरअसल, आईआईटी संस्थानों का स्टैंडर्ड मेंटेन रखने के लिए किया गया है। इसके पहले संस्थानों में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था।

जेईई मेन परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी हो गया है। 8 अप्रैल की परीक्षा की तैयारी में स्टूडेंट्स लगे हुए हैं। जेईई मेन के आधार पर छात्रों को एनआईटी, सीएफटीआईएस और अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। जेईई मेन के द्वारा छात्रों को जेईई एडवांस में बैठने का अवसर भी मिलेगा। जिससे आईआईटी में एडमिशन लेने का रास्ता साफ होगा। लेकिन अभी स्टूडेंट्स की परेशानी बोर्ड एग्जाम के कारण बढ़ गई है।

आईआईटी में अब एडमिशन के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को हर हाल में 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए 65 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। अगर यह नहीं हैं तो स्टूडेंट्स को संबंधित बोर्ड की 12वीं परीक्षा में टॉप 20 पर्सेंटाइल में शामिल होना होगा। अब जेईई की परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को बोर्ड के रिजल्ट पर भी ध्यान देना होगा। बोर्ड का रिजल्ट जेईई की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण रखता है।

2017 में हुए दो बदलाव

मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने जेईई पैटर्न में वर्ष 2017 से दो बदलाव किए थे। पहला बदलाव यह है कि अब जेईई मेन परीक्षा में रैंक्स केलकुलेट करने में 12वीं कक्षा के अंक का कोई वेटेज नहीं होगा। दूसरा बदलाव यह है कि जेईई एडवांस्ड 2018 रैंक्स के आधार पर एडमिशन लेने जा रहे आवेदकों के 12वीं कक्षा की परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक होने चाहिए या आवेदक को 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में टॉप 20 पर्सेंटाइल में शामिल होना होगा। एससी/एसटी छात्रों के लिए 12वीं में 65 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। सभी योग्य आवेदकों को अपनी 12वीं कक्षा की मार्कशीट काउंसलिंग या एडमिशन के समय रिपोर्टिंग सेंटर्स पर दिखानी होगी। इसके बिना आवेदकों का एडमिशन नहीं होगा।

मेन का रिजल्ट 30 अप्रैल को

जेईई मेन की काउंसलिंग संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जेओएसएए) और काउंसलिंग सीट आवंटन बोर्ड (सीएसएबी) द्वारा आयोजित की जाएगी। जेईई मेन की काउंसलिंग केवल ऑनलाइन माध्यम से ही होगी। काउंसलिंग में छात्रों को ब्रांच एवं संस्थानों को चयन करने का अवसर मिलेगा। छात्र अपनी पसंद के संस्थान व ब्रांच का विकल्प भर सकते हैं। छात्रों को सीटें ऑल इंडिया रैंक एवं भरे विकल्पों के आधार पर दी जाएगी। मेन का रिजल्ट 30 अप्रैल को जारी कर दिया जाएगा। रैंक के आधार पर स्टूडेंट्स जेईई एडवांस के फॉर्म भर सकते हैं। ऑल इंडिया रैंक आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और दूसरे संस्थानों में प्रवेश के लिए माना जाएगा।

ऑफलाइन एग्जाम होगा

जेईई मेन के पेपर 1 की ऑफलाइन परीक्षा और पेपर 2 की परीक्षा 8 अप्रैल को होगी। पेपर 1 की ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक होगा। पेपर 2 की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। पेपर 1 की ऑनलाइन परीक्षा 15 अप्रैल व 16 अप्रैल को होगी। 30 अप्रैल को जेईई मेन का रिजल्ट आएगा। इसके बाद एडवांस का एग्जाम होगा।

ऐसे समझें परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस

छात्र जेईई मेन के लिए परीक्षा पैटर्न और सिलेबस को समझें। स्टूडेंट्स एनसीईआरटी की पुस्तकों पर अच्छी कमांड रखें। एनसीईआरटी की पुस्तकें छात्रों को जेईई मेन में अच्छे स्कोर करने में मदद कर सकती है। परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ छात्रों को अपने स्वास्थ्य की ओर भी ध्यान देना चाहिए। पिछले साल के प्रश्नपत्रों और नमूना पत्रों का अभ्यास करें।

जेईई मेन पेपर 1 के लिए

– पेपर 1बी/बी.टेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है।

– परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

– परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। कुल प्रश्न 90 होंगे।

– प्रश्नपत्र भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों से पूछे जाएंगे।

– सही उत्तर के लिए छात्र को 4 अंक, गलत उत्तर के लिए एक अंक काट लिए जाएंगे।

जेईई मेन पेपर 2 के लिए

– पेपर 2 से छात्र बीआर्च/बी प्लानिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकता है। परीक्षा ऑफलाइन मोड से होगी।

– इस परीक्षा की अवधि तीन घंटे होगी।

– गणित और एप्टिट्यूड परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

– ड्राइंग परीक्षा में सब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे।

– परीक्षा में मैथमेटिक्स के 30 प्रश्न, एप्टिट्यूड टेस्ट में 50 प्रश्न व ड्राइंग में 2 प्रश्न पूछे जाएंगे।

– प्रश्न पत्र 390 अंक को होगा।

– सही उत्तर के लिए छात्र को 4 अंक मिलेंगे, गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियां

– ऑफलाइन मोड में परीक्षाः 8 अप्रैल

– ऑनलाइन मोड में परीक्षाः 15 व 16 अप्रैल

– उत्तर कुंजी जारीः 24-27 अप्रैल के बीच

– परिणाम घोषणा (पेपर 1): 30 अप्रैल

– परिणाम घोषणा (पेपर 2): 31 मई

मानक तय होना ही चाहिए

जो स्टूडेंट्स आईआईटी में जाने के प्रति गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए 12वीं में 75 प्रतिशत अंक लाना बहुत बड़ी बात नहीं है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन के लिए 75 प्रतिशत का मानक तय करना अच्छी बात है। पहले सामान्य वर्ग के लिए ये 60 प्रतिशत था। एचआरडी का ये नया बदलाव स्वागतयोग्य है। दिनेश मिश्रा, आईटी विशेषज्ञ, रेडियंस कोचिंग

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