अब हरियाणा सरकार मजदूर और रेहड़ी वालों से पूछकर बनाएगी योजनाएं

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चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी योजनाएं बनाने से पहले मजदूरों और रेहड़ी वालों सहित समाज के निम्‍न आय वर्ग के लोगों के साथ चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने अपने निवास पर रेहड़ी लगाकर गुजर बसर करने वाले लोगों आैर मनरेगा मजदूरों से बातचीत की। सिलाई के काम में लगे दर्जी, मूर्तिकार, गाडिय़ा लोहार और मेकेनिक सबने मुख्यमंत्री के साथ गरीबी दूर करने के उपायों पर कई घंटे तक मंथन किया।

दरअसल, हर माह एक सुधार कार्यक्रम योजना के तहत मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन लोगों की राय जानने के लिए उन्हें चंडीगढ़ बुलाया था। प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब गरीबों के कल्याण की योजनाएं बनाने से पहले उनके साथ एक टेबल पर बैठ कर मंथन किया गया। ठेके पर काम करने वाले दिहाड़ीदार, खेतिहर मजदूर, खिलौने बनाने वाले, मोची, बिस्कुट और बैग बनाने वाले तथा बुटीक के काम में लगी महिलाएं इस चर्चा का हिस्सा बनीं।

सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा मंत्री कविता जैन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी तथा हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष सुभाष बराला की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने इन लोगों को स्मृति चिह्न व शाल देकर सम्मानित भी किया। सीएम ने घोषणा की है कि गरीबों के लिए चलाई जा रही सभी सरकारी योजनाओं को एक छत के नीचे लाने के लिए तहसील, उपमंडल और जिला स्तर पर ‘अंत्योदय केंद्र’ खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब लोग अपने बनाए हुए उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकें, इसके लिए प्रदेश भर में सरस मेले लगाए जाएंगे। 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रदेश में छह अंत्योदय केंद्रों की शुरुआत होगी। इन केंद्रों में सरल पोर्टल के तहत प्रदेश का गरीब से गरीब व्यक्ति अपने कल्याण की योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकेगा। साथ ही योजना के लाभ के लिए आवेदन की सुविधा भी होगी। अंत्योदय केंद्र के अलावा अटल सेवा केंद्रों पर भी यह सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपात्र लोगों को लाभ के दायरे से अलग करने के लिए राज्य भर में सर्वे होगा। राज्य में अंत्योदय कार्यालय स्थापित होने के बाद अंत्योदय मेले लगाए जाएंगे। सीएम ने मेरिट के आधार पर दी जा रही नौकरियों के बारे में राय पूछी, जिसका सभी ने समर्थन किया।

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