अप्रैल के अंत तक प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना से जुड़ेंगे 1 करोड़ श्रमिक

अंतरिम बजट के दौरान एक फरवरी को घोषित की गई प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन (पीएमएसवाईएम) योजना से अप्रैल अंत तक सरकार करीब एक करोड़ श्रमिकों को जोड़ देगी। यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू की गई है, जिसमें पंजीकृत श्रमिक को 60 साल की उम्र के बाद कम से कम 3 हजार रुपये महीना पेंशन दिए जाने की योजना है।अप्रैल के अंत तक प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना से जुड़ेंगे 1 करोड़ श्रमिक

बजट में घोषणा के बाद 15 फरवरी से लागू हो गई इस योजना में श्रमिकों के पंजीकरण का जिम्मा पूरे देश में केंद्र सरकार की कंपनी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी) की तरफ से चलाए जा रहे सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) को दिया गया है। देश में तकरीबन 3.19 करोड़ सीएससी काम कर रहे हैं, जिनमें 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 2.99 करोड़ सीएससी पर पंजीकरण का काम किया जा रहा है।

रोजाना जोड़ रहे हैं एक लाख श्रमिक

सीएससी एसपीवी के सीईओ दिनेश त्यागी ने बताया कि हमने अभी तक असंगठित क्षेत्र के 25.36 लाख श्रमिकों को इस योजना से जोड़ लिया है। हम करीब 1 लाख श्रमिकों का पंजीकरण हर दिन किया जा रहा है। ऐसे में अप्रैल के अंत तक करीब 1 करोड़ श्रमिकों के पंजीकृत हो जाने का अनुमान है, जबकि दिसंबर तक यही संख्या 5 करोड़ तक पहुंच जाएगी। बता दें कि सरकार ने अंतरिम बजट 2019-20 में इस योजना के तहत अगले पांच साल के अंदर 10 करोड़ श्रमिकों व कामगारों को पंजीकृत करने का लक्ष्य तय किया है।

सीएससी एसपीवी कर्मियों को दिया है लक्ष्य

त्यागी ने बताया कि संगठन ने सभी लोगों से अपने घरेलू नौकर, ड्राइवर या हेल्पर जैसे कर्मचारियों का पंजीकरण इस योजना के तहत कराने की अपील की है। इसके अलावा सीएससी एसपीवी मुख्यालय के सभी कर्मचारियों को भी अपने कम से कम एक घरेलू कर्मचारी या सहायक का पंजीकरण कराने और उनकी तरफ से अंशदान जमा कराने का लक्ष्य दिया गया है।

यूपी, हरियाणा व महाराष्ट्र ने ही दिया डाटा

त्यागी के मुताबिक, असंगठित क्षेत्र के कामगारों का औपचारिक डाटाबेस नहीं होने के कारण उन तक सीधी पहुंच बनाने में परेशानी आ रही है। सीएससी एसपीवी की तरफ से सभी राज्यों को डाटा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र ने डाटा भेज दिया है। अन्य राज्यों से डाटा आने का इंतजार किया जा रहा है।

क्या है योजना

60 साल की उम्र के बाद सरकार देगी हर महीने एक पेंशन राशि
3000 रुपये महीना तय की गई है फिलहाल यह पेंशन राशि
18 से 40 साल तक की उम्र का श्रमिक करा सकता है पंजीकरण
55 रुपये महीने का बीमा प्रीमियम भरना होगा 18 साल के श्रमिक को
200 रुपये महीने का बीमा प्रीमियम लिया जाएगा 40 साल के श्रमिक से
55 रुपये से 200 रुपये तक का ही अंशदान सरकार भी जमा करेगी श्रमिक के खाते में

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