अगर आप भी बनना चाहती हैं ‘मिस इंडिया’ तो पहले सीखें मॉडलिंग के ये गुण

- in गजब

तमिलनाडु की अनुकृति वास को ‘फेमिना मिस इंडिया 2018’ चुना गया है. वहीं अगर आप भी मिस इंडिया, मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स बनने का ख्वाब देख रहे हैं तो आपको मॉडलिंग की बारीकियों के बारे में जानना होगा. आज मॉडलिंग की दुनिया काफी बदल चुकी है. इसमें नेम और फेम के साथ पैसा भी कम नहीं है.

यही वजह है कि आज इस फील्ड में काफी युवा अपना करियर तलाश रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं. अगर आपने मॉडलिंग की दुनिया में करियर बनाने के बारे सोच लिया है तो जान लें ये जरूरी बातें…

कितने प्रकार की होती है मॉडलिंग

1. टेलीविजन मॉडलिंगः इसमें आपको मूवी कैमरों के सामने मॉडलिंग करनी पड़ती है. जिसका इस्तेमाल टीवी विज्ञापनों, सिनेमा, वीडियो, इंटरनेट में किया जाता है.

2. प्रिंट मॉडलिंगः इसमें स्टिल फोटोग्राफर्स मॉडल्स की तस्वीरें उतारते हैं, जिनका इस्तेमाल अखबार, ब्रोशर्स, पत्रिकाओं, कैटलॉग, कैलेंडरों आदि में किया जाता है.

3 . शोरूम मॉडलिंगः शोरूम मॉडल्स आमतौर पर निर्यातकों, गारमेंट निर्माताओं और बडे़ रिटेलरों के लिए काम करते हुए फैशन को प्रदर्शित करते हैं.

4 . रैंप मॉडलिंगः इसमें मॉडल्स को रैंप पर वॉक करते हुए आधुनिक फैशन की झलक दिखानी होती है. यह प्रदर्शनी, फैशन शो या किसी शोरूम की बात भी हो सकती है. रैंप मॉडल की खड़े होने, चलने की शैली और बॉडी लैंग्वेज का बेहतर होना जरूरी है.

योग्यता

मॉडलिंग के क्षेत्र में आने के लिए यूं तो किसी खास योग्यता का होना जरूरी नहीं है. हां, लड़कियों के लिए इस फील्‍ड में लंबाई 5 फुट 7 इंच और लड़कों के लिए 5 फुट 10 इंच होना जरूरी है. इसी के साथ ही अगर आपने किसी मॉडलिंग इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग ले रखी है तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. 12वीं के बाद आप सीधे इस फील्ड में एडमिशन ले सकते हैं.

क्या गुण होने चाहिए

मॉडलिंग के लिए चेहरा फोटोजेनिक होना चाहिए. शुरू में मॉडलों का चयन फोटो देख कर ही किया जाता है. फिर उसके बाद रैम्प पर उतरने के पहले कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है. इसमें व्यक्तित्व को खास रूप से परखा जाता है. अच्छी हाइट, फिटनेस, फिगर और खूबसूरत चेहरा होने के साथ ही ‘प्लीजिंग’ और ‘स्माइलिंग पर्सनेलिटी’ का होना जरूरी है. आपकी हर अदा को मॉडलिंग के दौरान परखा जाता है.

ऐसे करें शुरुआत

स्कूल-कॉलेज में आयोजित मिस्टर फ्रेशर, मिस्टर कॉलेज, मिस कैम्पस जैसी छोटी-मोटी ब्यूटी कॉम्पीटिशन से आप शुरुआत कर सकते हैं. यहां आपकी पर्सनेलिटी को निखरने का मौका मिल सकता है. साथ ही मॉडलिंग करने का मतलब सिर्फ सुंदर दिखना नहीं होता, इसके लिए आपको हर क्षेत्र की पर्याप्त जानकारी भी होनी चाहिए. यहां ‘प्रेजेन्स ऑफ माइंड’भी महत्त्वपूर्ण होता है.

पोर्टफोलियो की जरूरत

मॉडलिंग के लिए सबसे पहले एक पोर्टफोलियो की जरूरत पड़ती है. एक अच्छा फोटोग्राफर ऐसा फोलियो बना देता है. इस पर आने वाला खर्च लगभग 20 हजार रुपये हो सकता है. बता दें कि एक एक पेशेवर मॉडल बनने के लिए काफी पैसा खर्च होता है.

मॉडलिंग एक कला है

मॉडलिंग एक कला है और किसी काल को कोई भी संस्था विशेष रूप से नहीं सीखा सकती. एक मॉडल बनने के लिए जन्म से ही मॉडलिंग के गुण होने बहुत जरूरी है, वहीं उन गुणों को निखारने के लिए कई मॉडलिंग कोर्स मददर कर सकते हैं.

मॉडलिंग का भविष्य

मॉडलिंग इंडस्ट्री में ब्यूटी कॉम्पिटिशन का खास स्थान है. पहले फैमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता होती थी, अब ग्रासिम मिस्टर इंडिया, ग्लैडरैग्स, मिसेज इंडिया, मेट्रोपॉलिटन टॉप मॉडल जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा मिस वर्ल्ड, मिस यूनिवर्स, मिस इंडिया, एशिया पेसिफिक, ग्रासिम मिस्टर इंटरनेशनल जैसी अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हो रही हैं. मॉडलों के लिए इंटरनेशनल लेवल पर कई अवसरों के हमेशा खुले रहते हैं.

एक निश्चित समय पर करें ‘मॉडलिंग’

मॉडलिंग एक ऐसा पेशा है, जिसे समय के भीतर कर लेना सही है. क्योंकि एक निश्चित उम्र और समय तक ही आप मॉडलिंग कर सकते हैं.

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