यूरेका इण्टरनेशनल में दिखा रचनात्मक सोच, कलात्मक क्षमता व बौद्धिक प्रतिभा का अभूतपूर्व संगम

अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक-साँस्कृतिक महोत्सव ‘यूरेका इण्टरनेशन-2018’ का तीसरा दिन

लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, आनन्द नगर कैम्पस द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय शैक्षिक-साँस्कृतिक महोत्सव ‘यूरेका इण्टरनेशनल-2018’ के तीसरे दिन आज श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने रचनात्मक सोच, कलात्मक क्षमता व बौद्धिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, साथ ही साथ विश्व के ढाई अरब बच्चों के अधिकारो की आवाज उठाते हुए पूरे विश्व को एकता, शान्ति व सौहार्द का पैगाम दिया। देश विदेश के प्रतिभागी छात्रों आज जहाँ एक ओर टूसे (वाद-विवाद) प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक सोच एवं बौद्धिक प्रतिभा का शानदार नजारा प्रस्तुत किया तो वहीं दूसरी ओर वाइस ओवर (अवेयरनेस कैम्पेन) एवं टच माई शैडो (मूवी मेकिंग) प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिखाया कि उनमें भी गहरी प्रतिभा और गहरे विचार छिपे हैं जो बड़ों को भी काफी सीख दे सकते हैं। इसके अलावा, क्विज प्रतियोगिता में भी छात्रों ने अपने ज्ञान का आलोक बिखेरा।

इससे पहले, यूरेका इण्टरनेशनल-2018’ के तीसरे दिन का शुभारम्भ सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी के सारगर्भित अभिभाषण से हुआ। इस अवसर पर डा. गाँधी ने कहा कि यह अभूतपूर्व आयोजन इस बात का द्योतक है कि भावी पीढ़ी न सिर्फ पढ़ने-लिखने में अव्वल हैं अपितु एकता व शान्ति से ओतप्रोत एक खुशहाल विश्व के लिए समर्पित भी हैं। मुझे बहुत प्रसन्नता है कि विभिन्न देशों से पधारे छात्रों ने भी इस अनूठे उत्सव में उत्साह से शामिल होकर एकता, शांति व मैत्री के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है।

यूरेका इण्टरनेशनल-2018 के तीसरे दिन आज प्रतियोगिताओं का सिलसिला टूसे (वाद-विवाद) प्रतियोगिता के फाइनल राउण्ड से हुआ, जिसमें 15 प्रतिभाग टीमों ने ‘इज ह्यूमन क्लोनिंग अनएथिकल एण्ड इन्वार्यनमेन्टल थ्रेट’ विषय पर बड़े ही सारगर्भित ढंग से अपने विचार रखे। विषय के पक्ष में बोलते हुए बाल भारती पब्लिक स्कूल, नई दिल्ली के आदित्य मोजा एवं पूरव ढींगरा ने कहा कि क्लोनिंग से बच्चों की शारीरिक व मानसिक अवस्था प्रीाावित होगी। विपक्ष में बोलते हुए सेंअ मार्क्स सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, दिल्ली की श्रीया गुप्ता एवं यश्वी ने कहा कि इससे माता-पिता को अपने गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार तथा आर्गन ट्रान्सप्लान्ट में मदद मिलेगी। सेंट जोसेफ इण्टरनेशनल स्कूल, हिसार, हरियाणा के देवबन्धु चन्दा एवं राहुल बारिक ने विषय के पक्ष में बोलते हुए कहा कि कई क्लोनिंग विधियां फेल हो चुकी हैं एवं सिर्फ 3 प्रति सफलता ही मिल पाई है। यदि हम क्लोन्ड मानव बनाने लगेंगे तो भगवान ही बन जायेंगे।

स्वामी हरिहरानंन्द पब्लिक स्कूल, हरिद्वार, उत्तराखंड के श्रद्धा एवं सारंग ने विषय के विपक्ष में बोलते हुए कहा कि क्लोनिक मानवजाति के लिए वरदान है, इससे परिवार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार कई अन्य छात्रों ने अपने सारगर्भित विचारों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता का संचालन फरीदा वाहेदी ने किया। इसी प्रकार ‘वाइस ओवर (जागरूकता अभियान) प्रतियोगिता’ में जूनियर वर्ग की 44 छात्र टीमों ने ‘लाँग लिव साइन्स’ विषय पर विज्ञान के मानवतावादी दृष्टिकोण पर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया एवं विज्ञान के रचनात्मक उपयोग पर जोर दिया। प्रतियोगिता में बच्चों ने प्रभावशाली, मधुर, रोचक जिंगल्स एवं भावभंगिमा से सभी को खूब प्रभावित किया।

Back to top button