फांसी से बचने के लिए निर्भया के दोषी मुकेश ने चला आखिरी दांव, भेजी दया याचिका

नई दिल्‍ली। निर्भया गैंगरेप केस में दोषी मुकेश सिंह ने फांसी से बचने के लिए अब आखिरी दांव चला है। उसने मंगलवार को राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दाखिल की। इससे पहले मुकेश सिंह को आज ही सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है।

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सर्वोच्च अदालत ने आज सजा को कम करने की गुहार वाली याचिका को खारिज कर दिया। अब मुकेश की याचिका राष्ट्रपति के सामने दाखिल हो गई है। मामले में चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

5 जजों की पीठ ने दोनों की याचिका को सुनवाई योग्य नहीं समझा। इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बीती 7 जनवरी 2020 को चारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करते हुए फांसी की सजा देने के लिए 22 जनवरी सुबह 7 बजे का समय तय किया था।

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अपनी Curative Petition में मुकेश और विनय ने कहा था कि निचली अदालत का फैसला पूरी तरह सही नहीं है। साथ ही दोषियों ने अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति की दुहाई दी थी। अब इन दोनों के पास राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर करने का आखिरी मौका है। वहीं दो अन्य दोषियों, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार ने अभी क्युरेटिव पिटीशन दायर नहीं की है।

निर्भया की मां आशा देवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैं न्याय के लिए 7 साल से लड़ रही हूं, लेकिन सबसे बड़ा दिन 22 जनवरी का होगी जब चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर टांग दिया जाएगा।

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